राधिका की डायरी: भीगी यादें और बेकरार दिल (Drenched Memories & Restless Hearts)

 

राधिका की डायरी: भीगी यादें और बेकरार दिल (Drenched Memories & Restless Hearts)

1. बरसात के कुछ पल (A Few Moments of Rain)

Hindi: याद है वो बरसात जब हम थे दोनों साथ, था हाथों में हमारे तुम्हारा हाथ।

English: I remember that rain when we were together, with your hand held firmly in mine.

Hindi: दीवानी सी वो पानी की बूंदें, भीग रहे थे हम दोनों साथ।

English: Those crazed raindrops—we were both getting drenched together.

Hindi: भीगा मौसम भीगा आलम भीगी थी रात, भीगे दिल भीगे बदन भीगे हर जज्बात। याद है वो बरसात।

English: The weather was wet, the atmosphere was soaked, and the night was drenched; our hearts, our bodies, and every emotion were bathed in rain. I remember that rain.

2. जिंदगी के मोड़ (The Turns of Life)

Hindi: हमें जिंदगी कब कहाँ और किस मोड़ पर ला कर खड़ी कर दे इसका कुछ कह नहीं सकते, हमें फैसला करने में बहुत कठिनाई होती है।

English: One cannot say where and at what turn life might leave us standing; I find it so difficult to make a decision.

3. पुरानी आशिकी (The Old Romance)

Hindi: तुम भी बेकरार थे हम भी बेकरार थे, ना तुम्हें करार था ना हमें करार था।

English: You were restless, and I was restless too; neither you nor I could find any peace.

Hindi: मीठी मीठी आस थी आशिकी की प्यास थी, मस्तियों का दौर था आँखों में खुमार था।

English: There was a sweet hope and a thirst for romance; it was a time of fun, and a trance filled our eyes.

Hindi: आरजू के फसल में तुम बुलंदियों पे थे, और हम लूटे हुआ मौसम-ए-बहार थे।

English: In the harvest of desire, you were at the heights, while I was like a plundered spring season.

Hindi: फिर भी कोई गम ना था दो दिलों के आस पास, हमको तुमसे प्यार था तुमको हमसे प्यार था।

English: Yet, there was no sorrow near our two hearts; I was in love with you, and you were in love with me.

4. कसमकस (Dilemma)

Hindi: अच्छा बुरा क्या जाने हम, किसकी बात को माने हम।

English: How should I know what is good or bad? Whose words should I believe?

निष्कर्ष (Conclusion):

यह पन्ना एक खूबसूरत फ्लैशबैक है—बरसात की वो रात जहाँ सब कुछ मुकम्मल लग रहा था। पर समय के साथ वही प्यार एक ऐसी कशमकश बन गया है जहाँ सही और गलत का फैसला करना मुश्किल हो गया है।

पाठकों के लिए सवाल:

"क्या आपके पास भी ऐसी कोई 'बरसात की याद' है जो आज भी आपके दिल को भिगो देती है? शेयर करें अपनी अनकही दास्तां।" 👇

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