राधिका की डायरी Part 415: Business Amidst the Silence
राधिका की डायरी
Part 416: Business Amidst the Silence
While the world thought that business was dead during the lockdown, Radhika proved them wrong. Staying in her room, she turned her smartphone into her office. She started sharing the benefits of the Ayurvedic products she had in stock via phone calls and WhatsApp. People were scared of going to hospitals due to the virus, so they started trusting Radhika’s advice more than ever. She wasn't just selling products; she was building trust. This period taught her that a true business is not about running on the streets, but about reaching people's hearts with the right solution.
भाग 416: सन्नाटे के बीच बढ़ता व्यापार
जहाँ दुनिया को लग रहा था कि लॉकडाउन में सब कुछ खत्म हो गया है, राधिका ने उन्हें गलत साबित कर दिया। उसने अपने कमरे को ही अपना दफ्तर बना लिया और अपने स्मार्टफोन को अपना सबसे बड़ा हथियार। उसके पास जो आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स का स्टॉक था, उसने फोन और वॉट्सएप के जरिए उनके फायदों के बारे में लोगों को बताना शुरू किया। वायरस के डर से लोग अस्पताल जाने से कतरा रहे थे, इसलिए उन्होंने राधिका की सलाह पर पहले से कहीं ज्यादा भरोसा करना शुरू कर दिया। राधिका सिर्फ सामान नहीं बेच रही थी, वह भरोसा बना रही थी। इस दौर ने उसे सिखाया कि असली बिजनेस सड़कों पर भागने से नहीं, बल्कि सही समाधान के साथ लोगों के दिलों तक पहुँचने से चलता है।
निष्कर्ष: मुश्किलें केवल रास्ता रोकती हैं, मंजिल नहीं। राधिका ने आपदा को अवसर में बदलना सीख लिया था।
आज का विशेष सवाल: क्या आपने भी लॉकडाउन के दौरान कोई नया हुनर (Skill) सीखा था या घर बैठे कोई काम शुरू किया था? अपनी कहानी कमेंट में जरूर लिखें, हम आपकी मेहनत को सलाम करते हैं।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
"आपकी राय मेरे लिए अनमोल है, कृपया अपने विचार साझा करें।" यह लोगों को कमेंट करने के लिए प्रोत्साहित (Encourage) करता है।