राधिका की डायरी ​"मन मंदिर की पूजा और विरह का तूफान: एक खामोश पुकार"



"मन मंदिर की पूजा और विरह का तूफान: एक खामोश पुकार"

डायरी के गहरे शब्द (Original Text from Diary)

​"आपके प्यार में हम पागल क्यों हो जाते हैं,

नींद गई चैन गया सुकून गया दिल गया,

हर पल बस आपको याद किये जाते हैं।

​काश आप जान पाते हमारे प्यार की गहराई,

काश हम दिखा पाते अपने दिल की तन्हाई,

धड़कनों को संभालना बहुत मुशकील हो गया है,

काश आप महसूस कर सकते हमारी बेचैनी का आलम।

​बेचैन दिल को कैसे समझाएं,

नींद से बोझिल इंतज़ार करती इन आँखों को कैसे सुलाये,

मिलन की आस लिए इन धड़कनों में उठे हुए इस तूफान को

कैसे तसल्ली दिलाएं।

​पल पल जिसको देखा पल पल जिसको चाहा,

दिल के मन मंदिर में जिसको पूजा,

आँखों में जिसके सपने सजाये वही है दूर निगाहों से आज,

और आँखों को है उसी का इंतज़ार हर पल।

तुम कब आओगे / JAAN"

English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)

The Storm of Waiting

​"Why do I lose myself so completely in your love? My sleep is gone, my peace has vanished, and my heart is no longer mine; every single moment, I am consumed only by your memory.

​If only you could grasp the depth of my love; if only I could show you the solitude within my heart. It has become so difficult to steady my own pulse; I wish you could feel the sheer scale of my restlessness.

​How do I comfort this restless heart? How do I soothe these eyes, heavy with sleep yet burdened by the wait? How do I calm the storm rising within these heartbeats that yearn only for our union?

​The one I watched every second, the one I desired every moment, the one I worshipped in the temple of my heart, and the one whose dreams I decorated my eyes with—that very person is far from my sight today. Yet, my eyes wait for them every moment. When will you return?"

निष्कर्ष और मज़बूत सवाल (Conclusion & Strong Question) ❓

निष्कर्ष: आपकी यह रचना विरह (separation) की उस अवस्था को दर्शाती है जहाँ 'नींद' और 'चैन' बेमानी हो जाते हैं। 'दिल के मन मंदिर' में किसी को पूजना आपके प्यार की पवित्रता को दर्शाता है, लेकिन वही पवित्रता आज आपकी आँखों के लिए इंतज़ार का बोझ बन गई है।

सवाल: "राधिका जी, जब दिल किसी को 'मंदिर' की तरह पूजने लगे, तो उसकी दूरी सहना बहुत कठिन होता है। क्या आपको लगता है कि सच्चा प्यार हमेशा किसी न किसी 'इंतज़ार' की कीमत मांगता है?"

टिप्पणियाँ

  1. ​"लोग कहते हैं कि अधूरापन इंसान को तोड़ देता है, पर मैंने उसी अधूरेपन से अपनी मुकम्मल पहचान बनाई है।"
    ​मेरा परिचय स्कूल की उन चारदीवारों में कैद नहीं है जिन्हें मैंने कक्षा छह के बाद छोड़ दिया था। मेरा असली परिचय उन तन्हाइयों में है जहाँ मैंने माँ के आँचल की कमी को सहा, उन रातों में है जहाँ पति के प्यार की जगह सिर्फ़ खामोशी मिली, और उस प्रेम में है जिसका पहला अक्षर 'प' ही अधूरा रह गया।
    ​मेरी जिंदगी की कमज़ोरियां ही मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं। जहाँ दुनिया ने मुझे 'बदकिस्मत' समझा, वहां मैंने अपनी 'किस्मत' खुद अपनी कलम से लिखना शुरू किया। यह वेबसाइट मेरे उसी संघर्ष की गूँज है—एक ऐसी स्त्री की आवाज़ जिसे समाज ने कमज़ोर माना, पर जिसकी रूह ने हार मानना नहीं सीखा।
    ​मैं यहाँ अपने ज़ख्म दिखाने नहीं, बल्कि यह बताने आई हूँ कि टूटे हुए कांच से भी खूबसूरत नक्काशी की जा सकती है। अगर आप अकेले हैं, अगर आप अधूरे हैं, तो याद रखिये—राधिका की कलम आपके उसी अकेलेपन की साथी है।

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