राधिका की डायरी Part 426: The Darkest Night of Hunger and Struggle
राधिका की डायरी
Part 427: The Darkest Night of Hunger and Struggle
The excitement of being a full-time business owner was soon swallowed by the harsh reality of the lockdown. Knowledge was plenty, but the kitchen was getting empty. Since movements were restricted and people were clutching their money tight, the sales stopped. Radhika reached a point where even a handful of grain became a luxury. The burden of debt on one side and an empty stomach on the other—this was the toughest phase of her life. She was a woman who was saving lives with Ayurveda, but at that moment, she was struggling to save her own kitchen. This silence of the lockdown was now screaming in her ears, asking, "How will you survive, Radhika?"
भाग 427: भूख और संघर्ष की सबसे काली रात
फुल-टाइम बिजनेस करने का जोश जल्द ही लॉकडाउन की कड़वी हकीकत के नीचे दब गया। दिमाग में ज्ञान तो बहुत था, लेकिन रसोई धीरे-धीरे खाली हो रही थी। बाहर जाना बंद था और लोग डर के मारे पैसा दबाकर बैठे थे, जिससे प्रोडक्ट्स की सेल रुक गई। नौबत यहाँ तक आ गई कि राधिका के पास खाने के लिए दाना तक नहीं बचा। एक तरफ कर्जदारों का दबाव और दूसरी तरफ खाली पेट—यह उसके जीवन का सबसे कठिन दौर था। वह महिला जो आयुर्वेद से दूसरों की जान बचा रही थी, आज अपनी रसोई बचाने के लिए संघर्ष कर रही थी। लॉकडाउन का वह सन्नाटा अब राधिका के कानों में चीखने लगा था और पूछ रहा था, "अब कैसे बचोगी राधिका?"
निष्कर्ष: जब पेट खाली होता है, तब इंसान के सिद्धांतों और उसकी हिम्मत की असली परीक्षा होती है। राधिका अब उस आग में तप रही थी जो या तो उसे राख कर देती या फिर कुंदन बना देती।
आज का बिजनेस मंत्र (Step-4):
धैर्य और निरंतरता (Patience & Consistency): बिजनेस के शुरुआती दिनों में ऐसे दौर आते हैं जब सब कुछ खत्म होता नजर आता है। राधिका ने सीखा कि जब जेब खाली हो, तब भी अपने विजन को खाली नहीं होने देना चाहिए। बुरे वक्त में टिके रहना ही सफलता की पहली सीढ़ी है।
आज की प्रोडक्ट जानकारी:
न्यूट्रिलाइफ (Nutrilife): जब शरीर को सही पोषण और खाना न मिल पा रहा हो, तब 'न्यूट्रिलाइफ' एक वरदान है। यह विटामिन, मिनरल्स और प्रोटीन का वह संतुलित मेल है जो कम खाने में भी शरीर को टूटने नहीं देता और आपकी ऊर्जा बनाए रखता है।
आज का विशेष सवाल: साथियों, क्या आपने कभी अपनी जिंदगी में ऐसा दौर देखा है जब मेहनत करने की इच्छा तो थी, पर हालात ने हाथ-पैर बांध दिए हों? जब घर में अन्न का दाना न हो, तब आप अपनी हिम्मत कैसे बनाए रखते हैं? अपनी दास्तां कमेंट में जरूर साझा करें।
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