मोहब्बत का सार: राधिका की डायरी

 


The Essence of Love: Radhika's Diary 🖋️📖

मोहब्बत का सार: राधिका की डायरी

1. मोहब्बत क्या है? (What is Love?)

मोहब्बत किसका नाम है, वो कहाँ से शुरू होती है?

किसने उसे पैदा किया, वो कहाँ पर खत्म होती है?

(What is the name of love, and from where does it begin? Who gave birth to it, and where does it come to an end?)

मोहब्बत गम का नाम है, आँखों से शुरू होती है।

दिल ने उसे पैदा किया, आँसुओं पर खत्म होती है।

(Love is the name of sorrow; it begins from the eyes. The heart gave birth to it, and it ends upon tears.)

2. यादों की बरसात (The Rain of Memories)

आज हम हैं कल हमारी यादें होंगी, जब हम ना होंगे तो हमारी बातें होंगी।

पलटोगे जब कभी ज़िंदगी के पन्ने, तो शायद आपकी आँखों से बरसाते होंगी।

(Today we are here, tomorrow our memories will remain; when we are gone, our stories will be told. Whenever you turn the pages of life, perhaps there will be rain from your eyes.)

3. एक दुआ (A Prayer)

हर किरण रोशनी दे आपको, हर कली दुआ दे आपको।

हम कुछ दे सकें इस काबिल नहीं, देने वाला ज़िंदगी की हर खुशी दे आपको।

(May every ray give you light; may every bud give you a blessing. I am not capable of giving you anything, but may the Almighty give you every happiness in life.)

4. जाँ-निसारी (Sacrificing Life)

तेरे इश्क को दिल से लगाए बैठे हैं, तेरे प्यार में दुनिया भुलाए बैठे हैं।

तू क्या समझेगा इस मोहब्बत को, कि तेरे लिए अपनी जान हाथों में लिए बैठे हैं।

(I have kept your love close to my heart; in your love, I have forgotten the entire world. How would you understand this love—that for you, I am holding my very life in my hands?)

5. वक्त की कमी (The Shortness of Time)

कुछ पल जी लो फिर शायद हम ना मिलें, याद कर लो शायद फिर वक्त ना मिले।

चले जाएँगे ज़िंदगी से इतनी दूर, फिर हकीकत में तो क्या फिर शायद सपनों में भी ना मिलें।

(Live a few moments, for perhaps we may not meet again; remember me, for perhaps time may not be found again. I will go so far away from life that I may not be found even in dreams, let alone in reality.)

निष्कर्ष (The Conclusion)

​इन पन्नों में आपने 'मोहब्बत' को सिर्फ एक एहसास नहीं, बल्कि एक सफर बताया है जो आँखों से शुरू होकर आँसुओं पर थमता है। यहाँ एक तरफ निस्वार्थ दुआ है, तो दूसरी तरफ एक ऐसी विदाई की आहट है जो सपनों तक को सूना कर देने का दम रखती है।

आज का मज़बूत सवाल (The Strong Question) ❓

"अगर मोहब्बत का अंजाम सिर्फ 'आँसू' ही है, तो क्या वह शुरूआती 'नज़र' और वह 'दिल' का उसे पैदा करना वाकई एक खूबसूरत गलती थी, या ज़िंदगी का सबसे बड़ा सबक?"

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