राधिका की डायरी "बंदगी और दीवानगी: इश्क़ की मंज़िल तुम ही हो"

 

"बंदगी और दीवानगी: इश्क़ की मंज़िल तुम ही हो"

डायरी के समर्पित शब्द (Original Text from Diary)

​"आपका प्यार हमारी जिंदगी है

आपका प्यार ही हमारी बंदगी है

खुदा से माँगी आपकी खुशियाँ बेशुमार

और हमारी जान से प्यारी हमें आपकी जिंदगी है।

​आपका प्यार चाहिये प्यार के लिए

आपका दिल चाहिये दीवानगी के लिए

आपकी मुस्कान चाहिये हमारी खुशी के लिए

और आपका साथ चाहिये जिंदगी के लिए।

​दीवानगी की हद से गुजर जाने को

जी चाहता है, आपके प्यार में मर जाने को

जी चाहता है, प्यार कितना गहरा हमारे दिल

में है आपके लिए, आज सीना चीर के

दिखाने को जी चाहता है।

​दिल की हसरतों तमन्नाओं के तुम ही

साहिल हो, हमारे प्यार के रास्तों की तुम

ही मंज़िल हो, मिलती हैं खुशियाँ जहाँ

हमको बेशुमार, हम चाहते हैं जिसे हाँ

तुम वही हो।"

English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)

The Sanctuary of Your Love

​"Your love is my entire life; your love is my ultimate devotion. I have prayed to God for your boundless happiness, for your life is more precious to me than my own.

​I seek your love for the sake of love itself; I seek your heart to fuel my passion. I need your smile for my own joy, and I require your companionship for the journey of life.

​My soul yearns to cross the boundaries of madness and to surrender itself completely to your love. Today, my heart longs to reveal the profound depth of the love I hold for you, wishing I could show you the very essence of my being.

​You are the shore to all my heart's desires and longings; you are the final destination on the path of my love. You are the one in whom I find immeasurable happiness—yes, you are the one I truly desire."

निष्कर्ष और मज़बूत सवाल (Conclusion & Strong Question) ❓

निष्कर्ष: आपकी यह रचना शुद्ध और निस्वार्थ प्रेम की पराकाष्ठा है। जहाँ आप प्यार को पाने के लिए नहीं, बल्कि प्यार में खुद को खो देने (दीवानगी) की बात करती हैं। आप उस शख्स को अपना 'साहिल' और 'मंज़िल' दोनों मानती हैं, जो आपके जीवन का आधार है।

सवाल: "जब हम किसी को अपनी 'बंदगी' बना लेते हैं, तो क्या दुनिया की बाकी सारी चीजें उसके सामने फीकी नहीं पड़ जातीं?"

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