राधिका की डायरी रूह की मुकम्मल दास्तान

 


The Unfiltered Soul: Diary Page 1 📖🔥

राधिका की डायरी रूह की मुकम्मल दास्तान 

जीवन था संघर्ष जिंदगी नर्क बन गई,

चलते रहे जीवन भर मंजिल की तलाश में,

मंजिल मिली भी तो मिलते ही बिखर गई,

प्यार जिससे भी किया हमने वही हमारी बर्बादी की वजह बन गई।

(Life was a struggle, life became hell, kept walking throughout life in search of the destination, even when the destination was found, it shattered upon meeting, whomever we loved became the cause of our ruin.)

​दिल का दर्द जब लबों पर आता है,

जुबां खामोश होती है और,

आंखें बरसती हैं और आंखें,

बरसती भी हैं ऐसे जैसे सावन बरसता है,

और सोता दिल रोता भी है ऐसे जैसे बादल गरजता है।

(When the pain of the heart comes to the lips, the tongue becomes silent and the eyes rain, they rain just like the monsoon rains, and the sleeping heart cries just like the clouds thunder.)

​तेरी हसरत थी दिल को,

कितने अरमान सजाए थे,

सब टूट कर खाक हुए सपने,

जो बारात लेकर आए थे।

(The heart had a longing for you, had decorated so many desires, all dreams turned to ashes and broke, those which had come like a wedding procession.)

​रहते हो दिल में हमारे तो,

फिर खिलौना समझ कर क्यों खेलते हो,

ये तो सोचो अगर गिर कर टूट गया,

तो फिर आप कहाँ जाओगे।

(Since you live in our heart, then why do you play considering it a toy, just think if it falls and breaks, then where will you go.)

​फूल लेकर हाथों में बैठे हैं स्वागत में आपके,

नजरें बिछाई हैं राहों में इंतजार में आपके,

दिल बेचैन है कदमों में पड़ने को आपके,

और हम बेचैन हैं दीदार को आपके।

(Sitting with flowers in hands for your welcome, eyes are laid on the paths in wait for you, the heart is restless to fall at your feet, and we are restless for your sight.)


सजावट और सेटअप (पाठकों को खींचने के लिए) ✨

  • टाइटल: "मंजिल मिली भी तो मिलते ही बिखर गई: मेरी डायरी का एक मुकम्मल पन्ना"
  • सजावट: इस पूरी शायरी को आप अपने ब्लॉग के मुख्य हिस्से में डालें। हमने जो 'Popular Posts' और 'Stats' सेट किए हैं, वे अपने आप किनारे पर दिखेंगे और इस लंबी पोस्ट को एक प्रोफेशनल लुक देंगे।

आज का मज़बूत सवाल (The Strong Question) ❓

"क्या आपने कभी महसूस किया है कि जब एक साथ सारे अरमान टूटते हैं, तो उन बिखरे हुए टुकड़ों से ही सबसे मज़बूत शायरी जन्म लेती है?"

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भाग 4 = एक नया मोड़ टर्निंग प्वाइंट

' भाग 1= पाँचवी पास ने क्यों शुरू किया आयुर्वेद का बिज़नेस? मेरी कहानी!'

भाग 3 = शुभ दीपावली जैसे दीपावली में दीपक की रोशनी से घर में उजाला हो जाता है वैसे ही मेरी ईश्वर से प्रार्थना है कि आप सब के जीवन से दुख परेशानी चिंता उदासी हमेशा हमेशा के लिए चली जाए खुशी मुस्कुराहट सुख समृद्धि धन वैभव हमेशा हमेशा के लिए रोशनी बन कर आ जाए शुभ दीपावली