अतुलनीय समर्पण: राधिका की डायरी
Unmatched Devotion: Radhika's Diary 🖋️📖
अतुलनीय समर्पण: राधिका की डायरी
माता-पिता का निस्वार्थ प्रेम (Parents' Unselfish Love)
- इस प्यार में बेवफा का इशारा नहीं होता, हर रिश्ता इतना अनमोल नहीं होता। (In this love, there is no hint of betrayal; not every relationship is this precious.)
- फ़ना कर दो ज़िंदगी माँ-बाप के कदमों में, क्योंकि यही वो प्यार है जिसमें कोई धोखा नहीं होता। (Sacrifice your life at the feet of your parents, because this is the only love in which there is no deception.)
आपकी खुशी (Your Happiness)
- ये हवा आपकी हंसी की खबर देती है, मेरे दिल को खुशी से भर देती है। (This breeze gives news of your smile; it fills my heart with joy.)
- खुदा सलामत रखे आपकी हंसी को, क्योंकि आपकी खुशी हमें ज़िंदगी देती है। (May God keep your smile safe, because your happiness gives me life.)
आखिरी ख्वाहिश (The Last Wish)
- बुझी हुई है नज़र आज क्यों साकी की, लगता है आज मेरे मरने का समा होगा। (Why is the Saki's gaze extinguished today? It feels as though the time of my passing is near.)
- ऐ अरमान-ए-दिल को इतना, जब मौत का इधर आना हो। (O desire of my heart, only this much—when death arrives here.)
- तुम पास खड़े मुस्कुराते रहो, कंधों पर तेरे मेरा जाना हो। (May you stand nearby smiling, while I make my final journey on your shoulders.)
अधूरापन और अपनापन (Incompleteness and Belonging)
- बिना मैं तुम्हारे अधूरी रही हूँ, नहीं हो गर तुम तो कुछ भी नहीं हूँ। (Without you, I have remained incomplete; if you are not there, I am nothing.)
- छुपा लूंगी तुमको दिल में सितमगर, तुम चाहते हो जिसे क्या मैं वही हूँ। (I will hide you in my heart, O oppressor; am I the one you desire?)
दिल की हसरत (Heart's Longing)
- दिल की हसरत तमन्नाओं का तू साथी है, रुको ठहरो अभी कहना कुछ बाकी है। (You are the companion of my heart's desires and longings; wait, stay, there is still something left to say.)
- जाम समझकर कलेजे में उतार लो मुझको, तू ही मयक़दा और तू ही तो साकी है। (Take me into your heart like a cup of wine; you are the tavern and you are the Saki.)
निष्कर्ष (The Conclusion)
इस पन्ने में राधिका जी ने प्यार के सबसे शुद्ध रूप—माता-पिता के प्रति समर्पण—को सबसे ऊपर रखा है। उसके बाद की पंक्तियों में एक ऐसी तड़प है जो मौत के सामने भी अपने प्रिय की मुस्कुराहट देखना चाहती है। यह डायरी एक ऐसे दिल का आईना है जो अधूरा होकर भी अपने 'साकी' में पूरा होने की तलाश कर रहा है।
आज का मज़बूत सवाल (The Strong Question) ❓
"क्या दुनिया के तमाम रिश्तों के बीच, माँ-बाप के कदमों में मिलने वाला सुकून ही वो इकलौता 'साहिल' है जहाँ धोखा नहीं मिलता? और क्या 'मयक़दा' और 'साकी' की तलाश वाकई किसी इंसान पर खत्म होती है या यह रूह का रूह से कोई पुराना हिसाब है?"
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