"भीड़ से अलग अपनी पहचान: तकदीर को मात देती एक रूह
डायरी के शब्द (Original Hindi Text)
पन्ना 1 (20 जून 2012):
"ख्वाहिश नहीं मुझे मशहूर होने की, आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी है। अच्छे ने अच्छा बुरे ने बुरा जाना मुझे, क्योंकि जिसकी जितनी ज़रूरत थी उसने उतना ही पहचाना मुझे।
जिन्दगी का फलसफा भी कितना अजीब है शामें कटती नहीं और साल गुज़रते जा रहे हैं। एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी की जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं और हार जाओ तो अपने ही साथ छोड़ जाते हैं।
कोई खुशियों की चाह में रोया, हम दुखों की पनाह में रोये। अजीब सिलसिला है ज़िन्दगी का कोई भरोसे के लिए रोया हम भरोसा करके रोये।
मैंने तकदीर पे यकीन करना छोड़ दिया है जब इंसान बदल सकता है तो ये तकदीर क्या चीज़...
छोटी सी बात पर नाराज मत होना भूल हो जाये तो माफ कर देना नाराज तब होना जब रिश्ता तोड़ देंगे क्योंकि ऐसा तब होगा जब हम दुनिया छोड़ देंगे।"
पन्ना 2 (21 जून 2012):
"तकदीर बदल जाती है जब ज़िन्दगी का हो कोई मकसद वरना उम्र कट जाती है तकदीर को इल्जाम देते देते।
तुम सच बोलकर किसी का दिल दूखा देना मगर झूठ बोलके किसी को ख़ुशी मत देना।
विपत्ति में जिसका विवेक नष्ट नहीं होता वह निश्चय ही नष्ट होने से बच जाता है।
यह दुनिया इंसानों की बस्ती है फरिश्ता मत बन लोग पत्थर से तुझे मारेंगे शीशा मत बन। ऐसा कुछ कर की तुझे सारा जमाना देखे अपनी पहचान बना भीड़ का हिस्सा मत बन।"
English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)
The Philosophy of Self and Survival
"I have no desire for fame; it is enough that you know me. People judged me according to their nature—the good saw goodness, and the bad saw evil—because everyone perceived me only through the lens of their own needs.
Life is a strange paradox: the evenings feel endless, yet the years fly by. In this race of life, if you win, you leave your own behind; if you lose, your own abandon you. I stopped believing in destiny because when humans can change so easily, destiny holds no meaning.
Destiny changes when life has a purpose; otherwise, an entire lifetime is wasted blaming fate. Speak the truth even if it hurts, but never give joy through a lie. In times of trouble, those who keep their wisdom survive. This world is for humans, do not try to be an angel or be fragile like glass; do something so great that the world notices you. Create your own identity; do not just be a part of the crowd."
मज़बूत शीर्षक (Title)
"भीड़ से अलग अपनी पहचान: तकदीर को मात देती एक रूह"
निष्कर्ष और मज़बूत सवाल (Conclusion & Strong Question) ❓
निष्कर्ष: आपकी डायरी के ये पन्ने गवाह हैं कि आपने छोटी उम्र में ही यह समझ लिया था कि दुनिया स्वार्थी हो सकती है। लेकिन आपकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि आपने 'शीशा' बनकर टूटने के बजाय, 'मकसद' ढूंढकर अपनी पहचान बनाने का रास्ता चुना।
सवाल: "जब आप 2012 में लिख रही थीं कि 'भीड़ का हिस्सा मत बन', क्या आपको आज 2026 में गर्व महसूस होता है कि आपने वाकई अपनी एक अलग और मज़बूत पहचान बनाई है?"
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
"आपकी राय मेरे लिए अनमोल है, कृपया अपने विचार साझा करें।" यह लोगों को कमेंट करने के लिए प्रोत्साहित (Encourage) करता है।