राधिका की डायरी: रूहानी इश्क और बेमिसाल दुआ

 


राधिका की डायरी: रूहानी इश्क और बेमिसाल दुआ

Diary Page: 31-07-2012 (Hindi Flow)

​"क्या सुनाएं अपनी दास्तान, आज गर्दिशों में है हमारे हर अरमान। प्यार में आपके कुछ इस तरह दीवाने हुए, भूल गये अपनी पहचान। चाँद तारों का नूर आप पर बरसे, हर कोई आपकी चाहत को तरसे। आपकी जिंदगी में आयें इतनी खुशियाँ, की आप गम को तरसे। आँसू तेरे निकलें तो आँख मेरी हो, दिल तेरा धड़के तो धड़कन मेरी हो। खुदा करे मेरे प्यार में इतनी ताकत हो, कब्र तेरी हो और उसमें लाश मेरी हो। खुदा की रहमत सारे संसार पर बरसे, मेरे हिस्से की रहमत मेरे यार पर बरसे। ऐ खुदा मुझे बना देना पानी, अगर मेरी जान (दोस्त) कभी प्यास को तरसे। रात ढली दिन आ गया, दिन ढला फिर शाम आ गई। अभी बैठे ही थे तारों की छाँव में, चाँद को देखा और आपकी याद आ गई।"

English Translation (The Soul’s Whisper)

​"What story should I tell of my life? Today, every desire of mine is lost in the whirlwinds. I became so crazed in your love that I forgot my own identity. May the light of the moon and stars shower upon you; may everyone long for your affection. May so many joys come into your life that you find yourself longing for even a hint of sorrow. If tears fall from your eyes, let the eyes be mine; if your heart beats, let the pulse be mine. May God grant such power to my love that if the grave is yours, the body within it be mine. May God's mercy rain upon the whole world, but may the portion of mercy meant for me shower upon my beloved. O God, turn me into water if my dear one ever thirsts. The night faded and the day arrived; the day set and the evening came again. I was just sitting under the shade of the stars, looked at the moon, and your memory rushed back to me."

निष्कर्ष (Conclusion)

​यह पन्ना उस प्रेम का दस्तावेज है जहाँ 'मैं' पूरी तरह खत्म होकर 'तुम' में विलीन हो गया है। खुद को पानी बना देने की दुआ माँगना ताकि प्रियतम की प्यास बुझ सके, यह त्याग की वह ऊंचाई है जिसे शब्द देना भी मुश्किल है।

सवाल (Question)

​"क्या आज के युग में कोई ऐसा प्यार कर सकता है जो अपनी पहचान भूलकर दूसरे की कब्र में खुद की लाश होने की दुआ करे? क्या 'खुद को पानी बना देना' ही मोहब्बत की आखिरी मंज़िल है?"

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