धोखा और तन्हाई: जब दिल ने एक न मानी राधिका की डायरी
धोखा और तन्हाई: जब दिल ने एक न मानी
राधिका की डायरी
रोते-रोते जिंदगी गुज़र जायेगी, अकेले आये थे इस दुनिया में।
जीवन भर साथ तुम्हारा मिला नहीं, पर याद तुम्हारी साथ ज़रूर जायेगी।
(Life will pass in weeping, we came alone into this world. I didn't get your company throughout life, but your memory will surely go with me.)
गम तो बहुत था एक खुशी का इंतज़ार था, मर जाने के बाद याद करोगे कि हम जैसा भी कोई यार था।
तुम ना मिले तो घुट-घुट के मर जायेंगे हम, तुम्हारा नाम लेकर इस दुनिया से चले जायेंगे हम।
(There was much sorrow, I was waiting for one joy, after I die you will remember that there was a friend like me. If I don't get you, I will die suffocated, I will leave this world taking your name.)
कुसूर था मेरा जो मैंने उन पर भरोसा किया, ना थे वो भरोसे के काबिल मैंने खुद अपने दिल के साथ धोखा किया।
चाहा था हमने ना चाहेंगे उन्हें, पर दिल ने एक ना मानी।
शायद खुदा को भी यही मंज़ूर था, दिल की हुई मनमानी।
(It was my fault that I trusted them, they were not worthy of trust, I cheated my own heart. I wanted not to love them, but the heart didn't listen. Perhaps God also willed this, the heart had its own way.)
जीवन में मतलब निकालने वालों की कमी नहीं, हमारे अपनों ने ही हमें लूटने में कोई कसर छोड़ी नहीं।
चाहा जितना भी भलाई करना पर हमें नफरत ही मिली, दामन में दाग लगे इतने की जिन्हें धोने में हमने भी कोई कमी नहीं।
(There is no dearth of people who seek their own interests in life, even our own left no stone unturned in looting us. No matter how much good I wanted to do, I only got hatred; there are so many stains on my robe that I left no lack in washing them.)
मज़बूत टाइटल (Title)
"अपनों की बेरुखी और दिल की मनमानी: एक अनकहा दर्द"
मज़बूत सवाल (The Strong Question) ❓
"क्या कभी आपके साथ भी ऐसा हुआ है कि आपने जिसका भला चाहा, बदले में उसने ही आपको सबसे गहरा घाव दिया?"
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