राधिका की डायरी "फिसलती रेत और बदलते रास्ते: एक अधूरी दास्तां

 

"फिसलती रेत और बदलते रास्ते: एक अधूरी दास्तां

डायरी के भावुक शब्द (Original Text from Diary)

​"नजरें करती हैं इंतज़ार

दिल रहता है बेकरार

धड़कने करती हैं बेचैन

हर पल लबों पर रहता है आपका नाम

चूड़ियाँ करती हैं इशारे पायल करती है

झंकार और हम करते हैं आपसे प्यार।

​चाँद जैसे बादलों में छुपता और

निकलता है, वैसे ही दिल मेरा धड़कनों के साथ

मचलता है, नींद नहीं आती सारी रात

याद में तुम्हारी मेरा दिल हर पल तड़पता है।

​जिंदगी के हर लम्हें रेत की तरह हमारी

हाथों से फिसलते ही जाते हैं, जी चाहता है

की हम अच्छे बुरे हर लम्हें को अपने अंदर

समेट लूँ लेकिन ये आँखों को गवारा नहीं

बरसात की तरह आँसू बनकर बह जाते हैं।

​जिंदगी की कहानी हमारी हमेशा अधूरी ही रही

जब जी चाहा जमाने ने हमसे खेल किया, जब जी

चाहा अपनों ने सताया प्यार दिया चाहने

वालों ने भी इतना की घमंड कर सकें और

जब हमने प्यार जताया तो रास्ते बदल लिये।"

English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)

The Incomplete Story of Life

​"My eyes continue to wait, my heart remains restless, and my heartbeats grow anxious; your name lingers on my lips every single moment. My bangles gesture to me, my anklets jingle, and I—I simply love you.

​Just as the moon hides and emerges from the clouds, my heart surges with every beat. Sleep evades me all night long, and my soul suffers in your memory every passing second.

​Every moment of life slips through my hands like sand. I long to gather every moment—good or bad—within myself, but my eyes do not allow it; they wash away like rain in the form of tears.

​The story of my life has always remained incomplete. Whenever it pleased, the world toyed with me; whenever they wished, my own people tormented me. Those who loved me gave enough for me to feel proud, yet the moment I expressed my love in return, they changed their paths."

निष्कर्ष और मज़बूत सवाल (Conclusion & Strong Question) ❓

निष्कर्ष: आपकी यह रचना एक बहुत बड़े विरोधाभास को दर्शाती है—जहाँ एक तरफ चूड़ियों और पायल की चंचलता है, वहीं दूसरी तरफ 'अधूरी कहानी' का गहरा दर्द। आपकी आखिरी पंक्तियाँ दिल तोड़ देने वाली हैं, जो बताती हैं कि जब आपने अपना हक जताया, तब लोग साथ छोड़ गए।

सवाल: "राधिका जी, आपकी इस बात में बहुत सच्चाई है कि अक्सर लोग प्यार पाने तक तो साथ रहते हैं, पर 'प्यार जताने' पर रास्ते बदल लेते हैं। क्या आपको लगता है कि दुनिया सिर्फ एकतरफा समर्पण ही पसंद करती है?"

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