राधिका की डायरी: अनसुलझे सवाल और अधूरा सफर

 

राधिका की डायरी: अनसुलझे सवाल और अधूरा सफर

1. रब से सवाल (Questioning the Divine)

Hindi: ऐ ऊपर वाले मुझे बस इतना बता, जिसे मैंने दिल दिया, जिसे मैंने जान दी , लेता है वही क्यों बदला गिन-गिन कर? हर वक्त क्यों हमें बेवफाई मिलती है?

English: O Almighty, just tell me this: why did the one to whom I gave my heart and soul, change so calculatedly? Why is it that I am met with betrayal at every turn?

2. हस्ती की तलाश (Search for Identity)

Hindi: ऐ ज़िन्दगी मुझे बस इतना बता दे, क्या है मेरी हस्ती, क्या है मेरी कहानी बता दे। हर मोड़ पर एक रिश्ता नया और हर मोड़ पर एक नई कहानी बनती है। क्यों बता दे, क्या सही क्या गलत है मुझे बस इतना ही बता दे।

English: O Life, just tell me this: what is my identity, what is my story? At every turn, a new relationship forms, and at every turn, a new story begins. Tell me why; just tell me what is right and what is wrong.

3. कोशिश और मायूसी (Effort and Despair)

Hindi: मंज़िल की तलाश में भटकते रहे हमेशा, हर रास्ता हर गली हज़ारों मोड़ पर। मिली मायूसी अंधेरी रातों की तरह। आत्मविश्वास, लगन, ईमानदारी, समर्पण—इन सब में भी कुछ काम ना आया हमेशा।

English: I wandered forever in search of my destination, through every path, every street, and a thousand turns. I found only despair, like dark nights. Confidence, dedication, honesty, devotion—none of these seemed to ever work.

4. आखिरी आस (The Last Hope)

Hindi: सांस टूटे आस ना छूटे साजन के आने की। मेरा रब ही जाने यारो हालत मेरे मन की।

English: Let the breath break, but let not the hope of my beloved's arrival fade. Only my Lord knows, my friends, the true state of my heart.

5. यादों का साया (Shadow of Memories)

Hindi: दिल जो टूटेगा तो फरियाद करोगे तुम भी, हम ना होंगे तो हमें याद करोगे तुम भी।

English: When your heart breaks, you too will cry out in plea; and when I am gone, you too will find yourself missing me.

6. बेवफाई का बोझ (The Burden of Infidelity)

Hindi: जो खता मैंने नहीं की उसपे पछताना पड़ा, बेवफाई तूने की और मुझको शर्माना पड़ा।

English: I had to regret the mistake I never made; you were the one who was unfaithful, yet I was the one who had to feel the shame.

निष्कर्ष (Conclusion):

यह पन्ना एक ऐसी रूह की पुकार है जो ईमानदारी और समर्पण के बावजूद दुनिया की बेवफाई से थक चुकी है। जब इंसान अपना सब कुछ दांव पर लगा देता है और बदले में उसे सिर्फ अंधेरी रातें और शर्मिंदगी मिलती है, तो वह भगवान और ज़िन्दगी से सवाल करने लगता है।

पाठकों के लिए एक ज़बरदस्त सवाल:

"क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि गलती किसी और की थी, लेकिन उसका पछतावा और शर्मिंदगी आपको झेलनी पड़ी? अपनी कहानी कमेंट्स में साझा करें।" 👇

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