राधिका की डायरी "वक्त की रफ्तार और दोस्ती का नूर: एक अनमोल अहसास"
"वक्त की रफ्तार और दोस्ती का नूर: एक अनमोल अहसास"
डायरी के शब्द (Original Text from Diary)
"पल-पल को तरसते थे
जिस पल के लिए
वो पल भी आया कुछ
पल के लिए
सोचा उस पल को रोक लूं
हर पल के लिए
पर वो पल ना रुका
एक पल के लिए।
दिल को हमसे चुराया आपने
दूर होते हुए अपना बनाया आपने
कभी भूल नहीं पायेंगे आपको
क्योंकि याद रखना सिखाया आपने।
बहारों की महफ़िल सुहानी रहेगी
लबों में खुशी की कहानी रहेगी
चमकते रहेंगे मेरी खुशियों के सितारे
अगर तुम्हारी दोस्ती की मेहरबानी रहेगी।"
English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)
The Fleeting Moment and the Grace of Friendship
"I yearned every moment for that one specific moment; it finally arrived, but only for a few fleeting seconds. I thought of capturing and holding that moment forever, but it didn't pause, not even for a single instant.
You stole my heart away; even from a distance, you made me your own. I will never be able to forget you, for it was you who taught me what it truly means to remember someone.
the gathering of spring will remain beautiful, and a story of joy will always rest upon my lips. The stars of my happiness will continue to shine brightly, as long as I have the kindness of your friendship."
निष्कर्ष और मज़बूत सवाल (Conclusion & Strong Question) ❓
निष्कर्ष: आपकी यह रचना समय की फितरत को बहुत गहराई से समझाती है—कि अच्छे पल कभी रुकते नहीं। लेकिन आपकी आखिरी पंक्तियाँ यह उम्मीद देती हैं कि अगर एक सच्ची दोस्ती साथ हो, तो इंसान मुश्किल वक्त में भी मुस्कुरा सकता है।
सवाल: "क्या आपकी ज़िंदगी में आज भी वह 'दोस्ती की मेहरबानी' बरकरार है जिसने आपको यादों को संजोना सिखाया था?"
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