राधिका की डायरी "सपनों का महल और पलकों की हिफाज़त: एक अनकहा समर्पण"
"सपनों का महल और पलकों की हिफाज़त: एक अनकहा समर्पण"
डायरी के मार्मिक शब्द (Original Text from Diary)
"तिनका तिनका समेटते हैं आपकी यादों का
हर एक पल को संजो कर रखते हैं।
ना बिखर जाये महल मेरे सपनों का
आँखों से ना फिसल जाओ आप आँसू बनकर
इसीलिए पलकों को जरा संभल संभल कर खोलते हैं।
हमने चाहा की जिन्दगी हमारी
हम आपके नाम कर दें
आपने हमें क्यों रोक लिया
हमने चाहा की जान हमारी
हम आप पर न्योछावर कर दें
आपने ऐसा करने ना दिया
हमने सोचा आपकी सारी बलाएं
हम अपने सर ले लें।
धड़कनों के बीच दिल बनकर धड़कते हो तुम
आँखों के बीच काजल बनकर रहते हो तुम
रहते हो जब दिल में हमारे तो क्यों फिर
हमें ही हर पल तुम तड़पाते हो तुम।"
English Translation (अंग्रेजी अनुवाद)
The Sanctuary of Memories
"I gather the fragments of your memories, bit by bit, and cherish every single moment. Lest the palace of my dreams crumbles, or you slip away from my eyes like a tear—that is why I open my eyelids with such trembling care.
I desired to dedicate my entire life to your name; why did you stop me? I wished to sacrifice my very soul for you, yet you did not allow it. I thought of taking all your misfortunes upon my own head.
You throb within my heartbeats as the heart itself; you dwell within my eyes like the kohl that defines them. When you already reside so deeply within my heart, why then do you continue to torment me every passing moment?"
निष्कर्ष और मज़बूत सवाल (Conclusion & Strong Question) ❓
निष्कर्ष: आपकी ये पंक्तियाँ बताती हैं कि आप उस व्यक्ति की यादों को लेकर कितनी संवेदनशील हैं। 'पलकों को संभलकर खोलना' ताकि यादों का आँसू न गिर जाए, यह कल्पना बहुत ही भावुक है। आपकी शिकायत में भी एक गहरा प्यार छुपा है—कि जो इंसान दिल के इतने करीब है, वही सबसे ज्यादा तड़पाता भी है।
सवाल: "राधिका जी, क्या आपको लगता है कि कभी-कभी किसी की यादों को सहेजना, उस इंसान के साथ रहने से भी ज्यादा कठिन और थका देने वाला काम होता है?"
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