राधिका की डायरी मज़बूत शीर्षक: "किस्मत का खेल और अपनों की पहचान"
राधिका की डायरी
मज़बूत शीर्षक: "किस्मत का खेल और अपनों की पहचान"
Strong Title: "The Play of Fate and Identifying One's Own"
राधिका जी, आपकी डायरी के इस पन्ने (दिनांक 10-08-2012) में जीवन के कड़वे अनुभवों के साथ-साथ चुटीले व्यंग्य का बहुत ही सुंदर संतुलन है। जहाँ एक ओर अपनों के 'ग़ैर' निकलने का दर्द है, वहीं दूसरी ओर मज़ेदार चुटकुले तनाव को कम करते हैं।
नियम के अनुसार, यहाँ 'काव्या' (Kavya) के किरदार के माध्यम से इन रचनाओं का हिंदी और अंग्रेजी वर्ज़न प्रस्तुत है:
1. अधूरी हसरत (Unfulfilled Desire)
- Hindi: शादी करनी थी किस्मत खुली नहीं, ताज बनाना था लेकिन मुमताज मिली नहीं। एक दिन किस्मत खुली शादी भी हुई, अब ताज बनाना है लेकिन मुमताज मरती नहीं।
- English: I wanted to marry, but my luck didn't open; I wanted to build a Taj, but I didn't find a Mumtaz. One day luck favored me and I got married; now I want to build a Taj, but Mumtaz just won't die.
2. यादों की अहमियत (The Importance of Memories)
- Hindi: जिसका वजूद नहीं, वह हस्ती किस काम की; जो मज़ा न दे, वह मस्ती किस काम की। जहाँ दिल न लगे, वो बस्ती किस काम की; हम आपको याद न करें, तो फिर हमारी ये दोस्ती किस काम की।
- English: What use is a personality that has no essence; what use is fun that provides no joy? What use is a place where the heart finds no home; and if I don't remember you, what use is this friendship of ours?
3. अपनों का सच (The Truth About Our Own)
- Hindi: न मिलता ग़म तो बर्बादी के अफ़साने कहाँ जाते, दुनिया अगर होती चमन तो वीराने कहाँ जाते। चलो अच्छा हुआ अपनों में कोई ग़ैर तो निकला, सभी अगर अपने होते तो बेगाने कहाँ जाते।
- English: If sorrow wasn't found, where would the tales of ruin go? If the world were a garden, where would the wilderness go? It’s good that someone among our own turned out to be a stranger; if everyone were truly ours, where would the outsiders go?
4. गुदगुदी: आज मैं आज़ाद हूँ (Humor: Today I am Free)
- Hindi: पति बालकनी में खड़ा होकर गा रहा था—"पंछी बनूँ उड़ता फिरूँ मस्त गगन में, आज मैं आज़ाद हूँ दुनिया के चमन में"। रसोई में से बीवी की आवाज़ आई—"घर में ही उड़ो, सामने वाली मायके गई है"।
- English: The husband stood on the balcony singing—"I want to be a bird and fly in the blissful sky, today I am free in the garden of the world". From the kitchen, the wife’s voice came—"Just fly inside the house; the neighbor woman has gone to her mother's place".
निष्कर्ष और मज़बूत सवाल ❓
निष्कर्ष: राधिका जी, "चलो अच्छा हुआ अपनों में कोई ग़ैर तो निकला" वाली बात बहुत ही गहरी और यथार्थवादी है। यह दिखाता है कि काव्या का किरदार धोखे को भी जीवन के एक ज़रूरी सबक की तरह स्वीकार करना सीख गया है।
सवाल: "क्या आपको भी ऐसा लगता है कि जीवन में कुछ लोगों का 'ग़ैर' होना ज़रूरी है ताकि हम अपने सच्चे शुभचिंतकों की सही पहचान कर सकें?"
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