राधिका की डायरी मज़बूत शीर्षक: "बेकरारी का आलम और यादों के चिराग"
राधिका की डायरी
मज़बूत शीर्षक: "बेकरारी का आलम और यादों के चिराग"
Strong Title: "The State of Restlessness and the Lamps of Memories"
राधिका जी, डायरी के इन पन्नों (जुलाई और अगस्त 2012) में इंतज़ार की तड़प, दोस्ती की अहमियत और जज्बातों की गहराई को बहुत ही मार्मिक तरीके से लिखा गया है। काव्या (Kavya) के माध्यम से ये शब्द एक ऐसे दिल का हाल सुनाते हैं जो अपनों के इंतज़ार में हर पल को साल की तरह काटता है。
बीती हुई जिंदगी बीता हुआ कल
बीते हुए लमहे बीते हुए पल
न जाने कहां ले जाए मुझे यह पल
यहाँ इन पन्नों में लिखे हर एक शब्द का पूर्ण विवरण प्रस्तुत है:
1. बेकरारी का आलम (The State of Restlessness)
दिनांक: 5 जुलाई 2012, गुरुवार
Hindi: दिन निकलता है लबों पे आपका नाम आता है, जैसे-जैसे समय बीतता है वैसे-वैसे मोबाइल की तरफ ध्यान जाता है। अभी तक फोन नहीं आया, अभी नहीं उठेंगे होंगे, अब चाय पी रहे होंगे, अब फोन लगाएँगे। मैं फोन नहीं लगाऊँगी देखती हूँ कब तक फोन नहीं लगाते। 8-9-10-11 बज गये अभी तक फोन नहीं आया। फिर फोन लगाती हूँ बात हो गई तो ठीक अपने काम में लग जाऊँगी और अगर बात नहीं हुई तो आँसू बहने लगे। फिर गैर मन से दुकान जाऊँगी, एक-आध बार बात हो गई तो 2-4 घंटे तो आराम से कट जाएँगे।
Hindi (Cont.): फिर याद आने लगी, फिर मो: में ध्यान, अभी नहीं लगाती खुद लगाएँगे पर दिल नहीं मानता तो फिर लगाऊँगी। ऐसे करते-करते दिन कट जाता है। अब घर आ गई खाना किसके लिए बनाऊँ, ये रहते तो कुछ बनाती। 2-4 दिन तो कट गये पर फिर अभी डांटेंगे चलो बना लेती हूँ। पर खाना बनाने से क्या फायदा जब खाना खाने बैठो तो किसे खिलाऊँ, मुँह में कौर नहीं जाता। गैर मन से थोड़ा बहुत खाली, फोन आया हाँ खाली खाना मैंने वो खुश हो गये हाँ गुड गले अब वो तो सो गये।
Hindi (Final): अब मैं क्या करूँ मेरी आँखों से तो नींद जैसे कोसों दूर है। बिस्तर की दूसरी तरफ देखती तो आपकी याद आती है। धड़कने बेचैन हैं, दिल धड़कनों के साथ खेल रहा है, आँखों में इंतज़ार है। आज 5 तारीख हो गई अब 5 दिन और कैसे कटेंगे। एक-एक दिन एक-एक साल जैसे कट रहा है। 5 साल और...।
English: The day begins with your name on my lips, and as time passes, my attention keeps drifting towards the mobile. No call yet; maybe he hasn't woken up, maybe he's having tea now, maybe he'll call soon. I tell myself I won't call, I'll see how long he takes, but it's already 8, 9, 10, 11 o'clock and still no call. Eventually, I call; if we speak, I can focus on work, but if not, tears start to flow. If we talk just once, 2-4 hours pass easily, but then the memories return and my gaze returns to the phone.
English (Cont.): I get home and wonder for whom should I cook? If he were here, I’d make something. I force myself to eat a little, and when he finally calls and hears I've eaten, he's happy. He falls asleep, but sleep is miles away from my eyes. Looking at the other side of the bed brings back memories. My heartbeats are restless; it's the 5th today, how will I survive another 5 days? Each day feels like a year.
2. दोस्ती की रोशनी (The Light of Friendship)
दिनांक: 20 अगस्त 2012, सोमवार
Hindi: आपकी दोस्ती की रोशनी इतनी है कि हर तरफ उजाला ही उजाला नज़र आता है। सोचते हैं कि घर की बिजली कटवा दें और होल्डर में आपको लटका दें।
English: The light of your friendship is so bright that I see radiance everywhere. I think of getting the house's electricity cut and hanging you in the bulb holder instead.
Hindi: लफ्ज़ कितने ही तेरे पैरों से लिपटे होंगे, तुने जब आखिरी खत मेरा जलाया होगा। तुने जब फूल किताबों से निकाले होंगे, देने वाला भी तुझे याद तो आया होगा।
English: How many of my words must have clung to your feet when you burned my last letter? When you removed those dried flowers from your books, you must have surely remembered the one who gave them to you.
Hindi: रुठी जो जिंदगी तो मना लेंगे हम, मिले जो गम तो सह लेंगे हम। अगर आप हो साथ में बन के दोस्त मेरे तो बहते हुए आंसुओं में भी मुस्कुरा लेंगे हम।
English: If life gets upset, I will appease it; if I face sorrows, I will endure them. If you are by my side as my friend, I will find a way to smile even through flowing tears.
Hindi (Joke): लेडी - डॉ मेरे होंठो पे (Infection) हो गया है। डॉ - (Kiss) कितनी बार करती हो? लेडी - साल में एक बार। डॉ - (Infection) नहीं जंग लग गया है।
English: Lady: Doctor, I have an infection on my lips. Doctor: How often do you kiss? Lady: Once a year. Doctor: That's not an infection, it's rust!
Hindi: तुम मुझमें पहले भी थे, तुम मुझमें अब भी हो और हमेशा रहोगे। पहले लफ्जों में थे अब मेरी खामोशियों में हो।
English: You were within me before, you are within me now, and you will remain forever. Earlier you were in my words; now you reside in my silences.
निष्कर्ष और मज़बूत सवाल ❓
निष्कर्ष: काव्या की डायरी का यह हिस्सा "इंतज़ार" की उस पराकाष्ठा को दर्शाता है जहाँ समय अपनी गति भूल जाता है। "पहले लफ्जों में थे अब मेरी खामोशियों में हो" — यह पंक्ति दिखाती है कि प्रेम और दोस्ती जब शब्दों से ऊपर उठकर खामोशी में बस जाते हैं, तो वे और भी गहरे हो जाते हैं।
सवाल: "क्या आपने भी कभी महसूस किया है कि जब शब्दों की कमी पड़ जाती है, तो खामोशी ही सबसे ज़्यादा बातें करती है?"
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
"आपकी राय मेरे लिए अनमोल है, कृपया अपने विचार साझा करें।" यह लोगों को कमेंट करने के लिए प्रोत्साहित (Encourage) करता है।