राधिका की डायरी Part 335: The Desperate Search for a Connection

 

राधिका की डायरी

Part 335: The Desperate Search for a Connection

The repeated nightmare of her son drowning and the bleeding lemon had left Radhika trembling with fear. She felt a cold, dark presence around her family. Her first instinct was to call her children, but her in-laws, who harbored ill will, blocked every attempt. Despite her desperate pleas, they refused to let her speak to them. Radhika even reached out to neighbors, begging them to help her connect, but every door seemed shut. Feeling completely helpless and isolated, she finally turned to Pandit Ji. She shared every detail of her recurring dream and sent her son’s horoscope, hoping for a divine answer to this looming threat.

भाग 335: संपर्क की एक हताश खोज

बेटे के डूबने और नींबू से खून निकलने वाले भयानक सपने ने राधिका को अंदर तक झकझोर कर रख दिया था। जब उसने दोबारा वही सपना देखा, तो वह डर के मारे कांपने लगी। उसकी ममता उसे बार-बार पुकार रही थी कि वह अपने बच्चों से बात करे, लेकिन उसके ससुराल वालों ने उससे बात करने से साफ मना कर दिया। ससुराल में कुछ लोग ऐसे थे जो उसके बच्चों के लिए बुरा चाहते थे और उन्होंने राधिका के हर रास्ते को बंद कर दिया था। राधिका ने आस-पास के पड़ोसियों की भी मदद ली, उनके नंबरों पर फोन करके मिन्नतें कीं कि बस एक बार बच्चों से बात हो जाए, पर हर तरफ से उसे निराशा ही हाथ लगी। जब कोई रास्ता नहीं सूझा, तो उसने पंडित जी को कॉल किया। उसने उन्हें अपने उन दो डरावने सपनों के बारे में बताया और अपने बेटे की कुंडली भेजी, ताकि यह पता चल सके कि यह सपना किसी अनहोनी का संकेत तो नहीं।

निष्कर्ष: जब अपने ही अपनों के दुश्मन बन जाएं और बातचीत के सारे रास्ते बंद हो जाएं, तब एक माँ का संघर्ष और भी कठिन हो जाता है। राधिका का पंडित जी की शरण में जाना यह दिखाता है कि अब यह लड़ाई केवल इंसानों से नहीं, बल्कि भाग्य के छिपे हुए संकटों से भी है।

मजबूत सवाल: क्या कुंडली के ग्रह और पंडित जी की सलाह राधिका को उस अंधेरे सच तक पहुँचा पाएंगे, जिसे उसके अपने ही उससे छुपाने की कोशिश कर रहे

 हैं?

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