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राधिका की डायरी शीर्षक: "अधूरे 'प' की मुकम्मल इबादत"

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  शीर्षक: "अधूरे 'प' की मुकम्मल इबादत" Title: "The Complete Devotion of an Incomplete Letter" काल्पनिक कविता (Fictional Poetry): वो कहते हैं कि मोहब्बत का दस्तूर निराला है, जिसने भी इसे पाया, उसने बस दर्द ही पाला है। हैरान न हो काव्या, इस 'प्यार' की तासीर देख कर, इसका तो पहला अक्षर ही ख़ुदा ने अधूरा डाला है। जो मिल गया उसे 'दुनिया' ने रस्मों का नाम दिया, जो रह गया अधूरा, उसे रूह ने थाम लिया। वो बरसों का इंतज़ार, वो आँखों की नमी, उस अधूरेपन ने ही तो तेरे सब्र को मुकाम दिया। वो चित्र, वो गुलाब और वो इकरार की बातें, कागज़ पर सिमट कर रह गईं वो पुरानी यादें। आज जो खामोश दहलीज पर तू खड़ी है तनहा, यही अधूरापन है तेरी पाकीज़ा मोहब्बत की सौगातें। मत रो कि वो मुड़कर फिर से पास न आया, सच्चा है वही इश्क़, जिसे कोई पा न पाया। तेरी मर्यादा की जीत है उसका न मिलना, अधूरे 'प' ने ही तुझे रूहानी तौर पर मज़बूत बनाया। English Translation They say the ways of love are unique, Whoever attained it, nurtured only pain. Be not amazed, Kavya, seeing the nature of this...