​राधिका की डायरी ​Part 451: The Champion Mother and the Shimla Success

 


​राधिका की डायरी

Part 451: The Champion Mother and the Shimla Success

​Life took a busier turn as Radhika’s son began living with her. With increased household responsibilities, finding time for the field became a daily struggle, yet Radhika’s spirit remained unshakeable. She recalled how she had achieved the Goa tour with a business of 65,000 when she first joined, but the pandemic had snatched that dream away. Determined to reclaim her success, she worked tirelessly and finally achieved the Shimla Tour. This victory marked her transition to the second major milestone—she was now a 'Team Coordinator'. Balancing motherhood and her career, Radhika proved that when a woman decides to win, no pandemic or lack of time can hold her back.

भाग 451: एक माँ का संघर्ष और शिमला की जीत

​ज़िंदगी ने एक नया मोड़ लिया जब राधिका का बेटा उसके साथ रहने लगा। घर की बढ़ती ज़िम्मेदारियों के बीच फील्ड के लिए समय निकालना एक रोज़ाना की जंग बन गया था, लेकिन राधिका का हौसला टस से मस नहीं हुआ। उसे याद आया कि कैसे जॉइनिंग के शुरुआती दिनों में उसने 65,000 का बिजनेस देकर गोवा टूर अचीव किया था, जिसे कोरोना की नज़र लग गई थी। उस अधूरे सपने की भरपाई उसने शिमला टूर जीतकर की। इस बड़ी जीत के साथ ही उसने सफलता का दूसरा पड़ाव पार किया—अब वह 'टीम कोऑर्डिनेटर' (Team Coordinator) बन चुकी थी। मातृत्व और करियर के बीच संतुलन बनाते हुए, राधिका ने साबित कर दिया कि अगर एक महिला ठान ले, तो समय की कमी या हालात उसकी उड़ान नहीं रोक सकते।

निष्कर्ष: गोवा छूटा तो क्या, शिमला की बर्फीली चोटियों ने राधिका के नए मुकाम का स्वागत किया। वह अब सिर्फ एक स्टार नहीं, अपनी टीम की असली 'कोऑर्डिनेटर' थी।

आज का बिजनेस मंत्र (Step-24):

बाधाओं को अवसर में बदलें (Turn Obstacles into Opportunities): राधिका ने सिखाया कि अगर एक रास्ता बंद हो जाए (जैसे कोरोना में गोवा टूर), तो मायूस होकर बैठने के बजाय दूसरे रास्ते (शिमला टूर) की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। एक सच्चा लीडर वही है जो घरेलू ज़िम्मेदारियों को अपनी कमज़ोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाता है।

आज की प्रोडक्ट जानकारी:

साइक्लोवा (Cyclova): यह प्रोडक्ट महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह PCOD और PCOS जैसी जटिल समस्याओं पर सीधा काम करता है। बच्चेदानी में गाँठ (Cysts), सूजन या किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन को ठीक करने में यह अत्यंत प्रभावी है। यह एग्स (Eggs) को मज़बूत बनाता है और मासिक चक्र (Cycle) को नियमित करता है। जिन परिवारों में संतान सुख की कमी है, उनके लिए 'साइक्लोवा' एक अचूक और भरोसेमंद उपाय है जो बच्चेदानी को स्वस्थ बनाकर नई उम्मीद जगाता है।

आज का विशेष सवाल: दोस्तों, एक माँ जब घर और बिजनेस दोनों संभालती है, तो उसकी सफलता की चमक दोगुनी हो जाती है। राधिका के 'टीम कोऑर्डिनेटर' बनने पर आप उसे क्या बधाई देना चाहेंगे? क्या आपके घर में भी किसी ने PCOD जैसी समस्या को आयुर्वेद से ठीक किया है?

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